नई दिल्ली. बलूचिस्तान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिपण्णी पर जहां बलोच अलगाववादी नेता आभार व्यक्त कर रहे हैं वहीं, बलूच विधानसभा ने नरेंद्र मोदी की टिपण्णी की निंदा करते हुए सर्वसम्मित से प्रस्ताव पास किया है. यह निंदा प्रस्ताव नरेंद्र मोदी की स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी प्रांत पर की गई टिपण्णी के विरुद्ध लाया गया है.
 
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पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट ‘द डॉन’ के मुताबिक यह प्रस्ताव, ‘पाकिस्तान मुस्लिम लगी-नवाज’ के कानून निर्माता मोहम्मद खान लाहरी ने पेश किया और सभी राजनीतिक पार्टियों ने इसका समर्थन किया. 
 
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री नवाब सनाउल्लाह ज़ेहरी ने निंदा प्रस्ताव पर ​हस्ताक्षर किए हैं. यह प्रस्ताव कहता है कि मोदी की बलूचिस्तान पर यह टिपण्णी इस बात का सबूत है कि इस प्रांत में आतंकवाद भारत द्वारा प्रायोजित है. इस प्रस्ताव पर बोलते हुए लाहरी ने कहा, ‘मोदी ने इस संबंध में पाकिस्तान की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है.’
 
इस मामले पर गृह मंत्री सरफराज बुगती ने कहा, ‘मोदी ने विश्व का ध्यान कश्मीर से हटाने के लिए ऐसी टिपण्णी की है.’ नेशनल पार्टी के नेता सरदार असलम ने भी नरेंद्र मोदी की टिपण्णी की निंदा करते हुए सभी राजनीतिक दलों से पाकिस्तान के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.
 
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में पाकिस्तान और बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लघंन के मामलों की निंदा की थी.