मुंबई. बॉम्बे हाइकोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मशहूर हाजी अली दरगाह के अंदरुनी हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया है. अब महिलाएं दरगाह के अंदर मजार तक प्रवेश कर सकेंगी. अभी तक उन्हें केवल बाहर तक ही जाने की इजाजत थी.
 
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कोर्ट ने कहा कि संविधान में महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का दर्जा प्राप्त है। जब पुरुषों को इसके अंदर जाने की अनुमति है, तो महिलाओं को भी अंदर जाने दिया जाना चा‍हिए।
 
इस आदेश के साथ ही अब महिलाएं हाजी अली दरगाह में बिना किसी रोक-टोक के अंदर तक जा सकेंगी. साथ ही हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी  इंतजाम किए जाएं. 
 
कोर्ट के फैसले का स्वागत
कोर्ट के इस फैसले का लोगों ने स्वागत किया है. कोर्ट में याचिका दायर करने वाली जाकिया सोमन ने कहा है कि वह बहुत खुश हैं, यह मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय की ओर एक बहुत बड़ा कदम है.
 

वहीं, हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश के लिए लंबे समय से लड़ रहीं तृप्ती देसाई ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है और हाइकोर्ट के आदेश का स्वागत किया है. मई में भूमाता ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के इसी अधिकार की मांग के लिए जबरन हाजी अली दरगाह में जाने की कोशिश की थी. हालांकि, दरगाह का संचलान करने वाले ट्रस्ट ने सुप्रमी कोर्ट में अपील करने की बात कही है.