जैसलमेर. राजस्थान के जैसलमेर में एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया गया है. इस जासूस का नाम नंदलाल महाराज है और वो पाकिस्तानी पासपोर्ट पर जैसलमेर में आया था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान से सटे पाकिस्तान सीमा के अलग-अलग जगहों से अब तक 35 किलो आरडीएक्स भारत में बम ब्लास्ट के लिए पहुंचा चुका है
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इस नेटवर्क का भंडाफोड़ आईबी, रॉ और राजस्थान के इंटेलिजेंस एजेंसी ने किया. गिरफ्तार पाकिस्तानी एजेंट के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें सारे डिटेल लिखे हैं. इसमें लिखा हुआ कि कब-कब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इसके खाते में पैसे डालती थी. इसके काम के बदले आईएसआई 10 से लेकर 60-70 हजार तक देती थी.
 
तीनों खुफिया एजेंसियां पिछले 48 घंटे से नंदलाल महाराज से जैसलमेर में पूछताछ कर रही हैं. हालांकि, अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि इसके हाथ से निकला आरडीएक्स कहां-कहां पहुंचा है, क्योंकि इसे आगे के नेटवर्क के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इसके पास से बड़ी संख्या में सैन्य ठीकानों के नक्शे और आस-पास के फोन नंबर भी मिले हैं. नंदलाल के सात से आठ साथी इसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही फरार हो गए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए कवायद की जा रही है. 
 
 नंदलालके पास से दो मोबाईल सेट और दर्जनों पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. इसकी मदद से वह सरहदी इलाके में जाकर पाकिस्तान बात करता था. यही नहीं इसके पास से सैटेलाइट फोन भी मिले हैं. ये जासूस रेगिस्तानी और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर सैटेलाइट फोन से पाकिस्तानी हैंडलर से बात कर लेते हैं. जब तक भारतीय खुफिया एजेंसियां रॉ, एमआई और आईबी इनको ट्रेस कर सरहदी इलाके में सैटेलाइट सिग्नल को ट्रेस करके राज्य की पुलिस या इंटेलीजेंस को खबर देगी, तबतक पाकिस्तानी एजेंट सैटेलाइट फोन बंद कर उस जगह से जा चुका होता है.
 
देश में सैटेलाइट फोन के सिग्नल पकड़ने के संसाधन रॉ, आईबी और एमआई के पास ही है.

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