मुंबई. जन्माष्टमी के मौके पर होने वाली दही हांडी का मामला एक बार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उस आदेश को स्पष्ट की गुहार लगाई है जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी. सरकार का कहना है कि क्या ये आदेश एक साल के लिए थे या अभी भी लागू हैं. सुप्रीम कोर्ट जल्द ही मामले की सुनवाई को राजी हो गया है. 
 
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महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगस्त 2014 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. 
 
आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया. ASG के मुताबिक अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. 
 
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ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट कर दें कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो मामले की जल्द सुनवाई करेगा. 

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