नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सीलिंग मामले में सुनवाई के दौरान कहा है कि यह मामला बेहद उलझा हुआ है और इस मामले में व्यापक सुनवाई की जरूरत है.
 
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बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अनीता शिनॉय और ए डी एन रॉव को एमिकस बनाया. कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा वो एमिकस को प्रति हियरिंग 35 हजार रुपये देने होंगे.
 
कोर्ट ने एमिकस को कहा कि इस मामले में बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा 2013 में सीलिंग के मामलों को हाई कोर्ट, निचली अदालतों और निगम के ट्रिब्यूनल को भेजा दिया था, लेकिन कुछ मामले ऐसे हैं, जिसकी सुनवाई हम करेंगे. मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी.
 
बता दें कि साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग के मामलों को हाई कोर्ट, निचली अदालतों और निगम के ट्रिब्यूनल भेज दिया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर कोई प्रभावित पक्ष हाई कोर्ट के आदेश से संतृष्ट नहीं होता तो वो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है.
 
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2006 में भी एमसीडी ने बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाया था. करीब सालभर तक चले इस अभियान में हजारों दुकानों को सील कर दिया गया था. बाद में नया मास्टर प्लान आने के बाद सीलिंग पर कुछ रोक लग पाई थी.

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