नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑटो-टैक्सी की हड़ताल का गुरुवार को तीसरा दिन है. वहीं ऑटो-टैक्सी यूनियन के कुछ लोग दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर लगातार दूसरे दिन अनशन पर बैठे रहे.
 
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बता दें कि ऐप बेस्ड कैब सेवाओं के विरोध में दिल्ली के ऑटो टैक्सी यूनियन ने अनिश्चतकालिन हड़ताल कर रखी है. ऑटो-टैक्सी चालकों के मुताबिक ओला और उबर की वजह से ऑटो-टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. 
 
गुरुवार को भी दिल्ली के लोगों को ऑटो-टैक्सी की अनिश्चतकालिन हड़ताल के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि काफी दिनों से दिल्ली के ऑटो टैक्सी यूनियन की मांग है कि ऐप बेस्ड ओला और उबर जैसी कैब सर्विस को बंद किया जाए. यूनियन का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद ही दिल्ली सरकार उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रही है, इसलिए वह मंगलवार से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर है. 
 
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क्या है मांगें
ऑटो-टैक्सी यूनियन ने ऐप बेस्ड ओला-उबर जैसी कैब सर्विस पर रोक लगे. ऑटो-टैक्सी वालों की मांग है कि बिना लाइसेंस के चल रही कैब सेवाएं भी बंद की जाएं और अवैध ई-रिक्शाओं पर कार्रवाई हो. दिल्ली में नए टैक्सी परमिट जारी न किए जाएं. दूसरे राज्यों के ऑटो-टैक्सी पर दिल्ली में रोक लगे. बता दें कि दिल्ली में करीब 85 हजार ऑटो हैं और तकरीबन 15 हजार काली-पीली टैक्सी हैं.

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