नई दिल्ली. AAP सांसद भगवंत मान द्वारा संसद परिसर का वीडियो बनाने की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 9 सदस्यों की एक जांच समिति बना दी है और जांच का नतीजा सामने आने तक भगवंत मान को संसद की कार्यवाही से दूर रहने को कहा है.
 
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सुमित्रा महाजन ने 9 सदस्यीय जांच कमेटी बनाने के साथ ही फैसला हो जाने तक मान को लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने से मना कर दिया है.
 
 
इससे पहले 22 जुलाई को भगवंत मान ने इस मामले में बिना शर्त माफी मांग ली थी लेकिन एक बार आतंकी हमला झेल चुके संसद की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप लगा रहे सत्ता पक्ष और दूसरे दलों के कड़े रुख के बाद स्पीकर ने मान के इस काम की जांच कराने का फैसला किया है.

 
मान ने कहा था, “मैंने जो दिखाया है वो गूगल अर्थ पर तो पहले से ही है. डिजिटल का जमाना है, मैं नहीं मानता कि मैंने ऐसा कोई काम किया है जिससे संसद की सुरक्षा पर कोई खतरा पहुंचे. मैंने वीडियो बनाकर कोई गलत काम नहीं किया है. मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं और यह भी विश्वास दिलाता हूं कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी.”
 
FIR दर्ज कराने की मांग
 
संसदीय कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि संसद में प्रवेश से लेकर अंदर तक का वीडियो बनाना नियम-कायदों के खिलाफ है. लोकसभा का नियम 352 कहता है कि संसद के भीतर वीडियो रिकार्डिंग नहीं की जा सकती. इस वीडियो से आतंकवादियों को मदद मिल सकती है. वहीं शिरोमणि अकाली दल ने मान पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है.
 
लोकसभा के इन नियमों को मान ने तोड़ाॉ
 
लोकसभा का नियम 352 कहता है कि संसद के भीतर वीडियो रिकार्डिंग नहीं की जा सकती. मान पर इस नियम को तोड़ने का आरोप लगा है. लोकसभा का ही नियम 334 A कहता है कि संसदीय कार्रवाई की एडवांस पब्लिसिटी नहीं की जा सकती. वीडियो बनाकर मान ने इस नियम को भी तोड़ा है. 

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