नई दिल्ली. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में अमित शाह को क्लीन चिट देने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि मुंबई की सीबीआई कोर्ट के अमित शाह को इस केस से आरोपमुक्त करने के फैसले को रद्द किया जाए. सुप्रीम कोर्ट 25 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगा. हालांकि बोंबे हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
पूर्व IAS हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में ये भी कहा है कि कोर्ट सोराबुद्दीन के भाई रबीबुद्दीन शेख की भी सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए कि आखिर उसने बोंबे हाईकोर्ट से अपनी अर्जी वापस क्यों ली ? जबकि वो लगातार एनकाउंटर मामले में शुरुआत से ही अदालती लडाई लडते रहे हैं.  
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
बता दें कि 30 दिसंबर 2014 को मुंबई की सीबीआई कोर्ट ने अमित शाह को इस केस से आरोपमुक्त कर दिया था और कहा था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया था. वहीं पिछले साल नवंबर में बोंबे हाईकोर्ट ने रबीबुद्दीन शेख की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया था जिसमें उसने कहा था कि वो स्वास्थ्य कारणों से केस नहीं लड सकता. इस पर हर्ष मंदर ने मांग की है कि इसके पीछे कारण की जांच होनी चाहिए. हालांकि बोंबे हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ये सुनवाई योग्य नहीं है और याचिकाकर्ता इसमें पीडित पक्ष नहीं है.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App