नई दिल्ली. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मारग्रेट अल्वा ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर मनमाने ढंग से फैसले लेने का आरोप लगाया है. अल्वा ने कहा कि राजीव गांधी से जुडे बोफोर्स मामले को खारिज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ तत्कालीन नरसिंह राव सरकार के अपील करने के फैसले ने राव को लेकर सोनिया गांधी के मन में संदेह बढा दिया था. जिससे दोनों के बीच दूरियां बढी. अपने राजनीतिक सफर को कलमबद्ध करने वाली किताब ‘‘करेज एंड कमिटमेंट” के विमोचन के पहले अल्वा ने कहा कि फैसले के बाद आग बबूला सोनिया ने उनसे पूछा कि क्या राव उन्हें जेल भेजना चाहते हैं.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रह चुकीं अल्वा को कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी टिकट ‘बेचे’ जाने के आरोपों के बाद उन्हें 2008 में इस्तीफा देने के लिए कहा गया. उनके आरोपों को पार्टी में ‘‘केंद्रीकृत फैसला लेने” के कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना समझा गया. उन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार में मंत्री रहे सीपीएन सिंह और अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में नाम आए मध्यस्थ क्रिस्टियन माइकल के पिता वोल्फगेंग मिशेल के साथ संबंधों पर भी कहा. अल्वा ने 1980 में दक्षिण अफ्रीका को टैंकों की आपूर्ति के बारे में कहा है तथा उस समय लंदन में रहने वाले वोल्फगेंग मिशेल किस तरह प्रभावशाली थे और शायद संजय गांधी के साथ जुडाव था.
 
सोनिया और राव के बीच तल्ख संबंधों को याद करते हुए अल्वा ने कहा कि बोफोर्स मामले पर बिना उनकी जानकारी के सीबीआई से सीधे निपटने के पीएमओ के फैसले ने राव के प्रति सोनिया का संदेह गहरा कर दिया. उन्होंने इंडिया टूडे टीवी के करण थापर से कहा, ‘‘मैं सीबीआई की प्रभारी मंत्री थी और उन्होंने मुझसे वह कहा, फैसला मेरी जानकारी के बिना लिया गया. फाइल पर पीएमओ ने सीधे कार्रवाई की.’
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
अल्वा ने राव के निधन पर सम्मान नहीं जताने के लिए पार्टी नेतृत्व से असहमति जतायी. उन्होंने कहा, ‘‘उनका पार्थिव शरीर एआईसीसी परिसर भी नहीं लाया गया. तोप ढोने की गाड़ी गेट के बाहर फुटपाथ पर पार्क की गयी.’ उन्होंने कहा, ‘‘चाहे जो भी मतभेद रहा हो, वह प्रधानमंत्री थे, वह कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे, वह मुख्यमंत्री थे, वह पार्टी के महासचिव थे. जब एक व्यक्ति की मौत होती है आप उस तरह का व्यवहार नहीं करते.
 
 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App