नई दिल्ली. पर्यावरण मंत्री से मानव संसाधन विकास मंत्री बने प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि हमारी कैबिनेट देश में सुशासन लाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ‘देश को पहली बार ऐसी टीम मिली है जो सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है. हमारी टीम काफी मजबूत है. और हम सब साथ में मिलकर देश के लिए काम कर रहे हैं.’ शिक्षा मंत्री बनने के बाद इंडिया न्यूज़ को दिए अपने इंटरव्यू में जावड़ेकर ने यह बात कही है.
 
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पर्यावरण मंत्री से शिक्षा मंत्री बनने के जबरदस्त प्रमोशन पर जावड़ेकर ने कहा, ‘प्रमोशन वाला जो कॉन्सेप्ट चल रहा है वह सही नहीं है. इस मंत्रालय का कैबिनेट होना जरूरी है, इसलिए मुझे तकनीकी तौर पर मंत्री बनाया है. मूल मुद्दा है मोदी जी की प्रेरणा से देश में बदलाव करना. एक सपना लेकर हमारी टीम चल रही है और पूरी टीम कुछ कर गुजरने का संकल्प लेकर काम कर रही है. इसलिए यहां कोई अव्वल या कम अव्वल वाली स्थिति नहीं है. हमारी टीम बहुत अच्छी है. देश को पहली बार सुशासन के लिए प्रतिबद्ध टीम मिली है.’
 
 
जावड़ेकर ने कहा कि देश में शिक्षा का स्तर अच्छा होना चाहिए, इस पर हम काम करेंगे. उन्होंने कहा, ‘शिक्षा सस्ती होना बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन उसके साथ-साथ शिक्षा का स्तर भी अच्छा होना चाहिए. शिक्षा देश के परिवर्तन का सबसे सही औजार है. हम लोग शिक्षा के मुद्दे पर काफी विचार विमर्श करने वाले हैं. कार्यभार संभालने के बाद मीटिंग लुंगा, उसके बाद बहुत से लोगों से बात भी करनी है. एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसे पीएम मोदी जी के सामने रखा जाएगा.’
 
जेएनयू में हुए बवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद भी छात्र आंदोलन की उपज हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद छात्र आंदोलन की उपज हूं. आंदोलन करते-करते ही मैं यहां आया हूं. हम लोगों से मिलेंगे, उनसे बात करेंगे.’
 
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बता दें कि मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हुआ है जिसमें स्मृति ईरानी से केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय छिन लिया और उन्हें केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय सौंपा गया है. मानव संसाधन मंत्रालय का भार प्रकाश जावड़ेकर को सौंपा गया है और वे देश के नए शित्रा मंत्री होंगे. वहीं रविशंकर प्रसाद को केंद्रीय कानून मंत्री बनाया गया है. साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेटली से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है.
 

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