नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ऐसा बयान दिया है जिससे राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो सकती है. अंसारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की हिन्दुत्ववादी सोच के कारण ही बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ. विनय सीतापति की किताब ‘हाफ लायंस- हाऊ पीवी नरसिम्हा राव ट्रांसफॉर्म्ड इंडिया’ की रिलीज के मौके पर उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव ने जो अच्छा काम किया वह उनके बाद भी जिंदा रहा और हमारे आसपास का माहौल बदल गया. लेकिन नुकसान भी जिंदा रहा और अब भी कीमत वसूल रहा है.
 
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बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर अंसारी ने किताब के आकलन का जिक्र किया जिसमें सीतापति ने कहा कि राव मस्जिद को बचाना चाहते थे, वे हिंदू भावनाओं और खुद को भी बचाना चाहते थे. लेकिन हुआ यह कि मस्जिद तबाह हो गई, कांग्रेस के पास हिंदू वोट भी नहीं आए और उनकी खुद की छवि तार-तार हो गई. किताब के दो हिस्सों पर बयानबाजी होगी. ये संसद के मैनेजमेंट और बाबरी विध्वंस से जुड़े हुए हैं. 
 
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इस मौके पर अंसारी ने सांसदों की खरीद फरोख्त के विवाद का भी जिक्र किया. झारखंड मुक्ति मोर्चा सांसद के घूस मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 26 जुलाई 1992 को विश्वासमत के साथ नियति ने जन्म लिया. सरकार का उद्देश्य मुसीबत टालना था जिसके लिए अनैतिक कदम उठाए गए. यह नरसिम्हा राव के कॅरियर का सबसे खराब राजनीतिक निर्णय था.
 

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