महाराष्ट्र. बीजेपी के एक बड़बोले नेता ने दलितों को लेकर विवादित बयान दे कर पार्टी की मुश्किल बढ़ा दी है. दरअसल, महाराष्ट्र के डोंबिवली से बीजेपी विधायक रविंद्र चव्हाण ने हाल ही में एक कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करते हुए दलितों की तुलना सूअर से कर दी है. जिसके बाद वो ना केवल दलित संगठनों के बल्कि विपक्षी दलों के भी निशाने पर आ गए हैं. 
 
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क्या कहा विधायक ने ? 
रिपोर्ट्स के अनुसार जब विधायक रविंद्र चव्हाण मुंबई के कल्याण में एक कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान चव्हाण ने अब्राहम लिंकन का उदाहरण देते हुए एक कहानी सुनाई जिसमें लिंकन एक नाले से ‘सूअर के एक बच्चे’ को निकालते हैं और उसे साफ करते हैं. विधायक रविंद्र चव्हाण ने आगे कहा कि इसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस भी दलितों के उत्थान के लिए कड़ी मेहतन कर रहे हैं. 
 
‘दलितों को सूअर के बच्चे की तरह समझते हैं’
इसके अलावा उन्होंने आगे यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस दलितों के उत्थान के लिए 16 से 18 घंटे तक काम कर रहे हैं. इस वक्त जब उनके सामने कई तरह की चुनौतियां है, चाहे वह किसानों का मामला हो या दबे-कुचले दलितों का, वे इन दलितों को सूअर के बच्चे की तरह समझते हैं और उनको बचाने का काम कर रहें हैं.
 
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विधायक ने दी मामले पर सफाई
वहीं रविंद्र चव्हाण में मामले पर सफाई देते हुए दावा किया है कि मेरे भाषण का वायरल हुआ वीडियो रिकॉर्डिंग एडिट किया हुआ है और असली नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है.

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