नई दिल्ली. मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप से जुड़े वीवीआईपी फोन टैपिंग मामले में केंद्र सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. सूत्रों से पता चला है कि पीएमओ ने तत्काल जांच शूरू करने के आदेश दिए हैं. बताया जा रहा है कि फोन टैपिंग मामले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद गंभीर हैं और इस संबंध में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है. पीएम मोदी ने सख्ती के साथ कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 
 
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क्या कहा PM मोदी ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ मानना है कि सरकारी नीतियों को बनाने में किसी भी बाहरी तत्व का रोल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने सख्ती के साथ कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. VVIP फोन टैपिंग मामले को लेकर वकील सुरेन उप्पल ने  पीएमओ में शि‍कायत की थी. उप्पल ने सबूत के तौर पर 29 पन्नों के एक दस्तावेज भी पीएमओ को दिया था.
 
फोन टैपिंग पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कथित गैरकानूनी रूप से की गई कथित फोन टैपिंग की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के सामने सच्चाई बताने को कहा. तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को अगर ऐसी कोई शिकायत मिली है तो अगर 2001 से 2006 के बीच की गई इस फोन टैपिंग की जांच के आदेश दिए गए हैं तो उसके बारे में जानकारी देनी चाहिए. 
 
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क्या है पूरा मामला?
मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप पर आरोप है कि ग्रुप ने 2001 से 2006 तक एनडीए और यूपीए सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी जैसे कारोबारी दिग्गजों का फोन टैप किया. जिन लोगों के फोन टैप किए गए उनमें अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त के पीएमओ अधि‍कारी भी शामिल हैं.

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