नई दिल्ली. टैंकर घोटाला मामले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) जांच करेगी. इस बीच एसीबी चीफ मुकेश मीणा ने बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि रिपोर्ट दबाने की भी जांच होगी.
 
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मीणा ने कहा कि मुझे विजेंद्र गुप्ता और कपिल मिश्रा की शिकायतें मिली हैं. इसलिए विजेंद्र गुप्ता की दी गई शिकायत की भी जांच होगी. घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट को उपराज्यपाल ने एसीबी को सौंप दी थी.
 
क्या है मामला?
साल 2013 में दिल्ली जल बोर्ड में 400 करोड़ रुपये का टैंकर घोटाला हुआ था. टैंकरों को खरीदने में 400 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन दिल्ली की जनता को पानी नसीब नहीं हुई. हाल ही में इस मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट एलजी नजीब जंग को सौंपते हुए सीबीआई और (एसीबी) से जांच कराने की मांग की थी.
 
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साथ ही शीला समेत अन्य आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की भी सिफारिश की थी. वहीं अब दिल्ली सरकार की जांच रिपोर्ट उपराज्यपाल नजीब जंग ने एसीबी को सौंप दिया है.
 
शीला दीक्षित ने दिया जवाब
सवालों के घेरे में आई दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि वाटर टैंकरों की खरीद के फैसले में दूसरे राजनीतिक दल, एमसीडी  के अधिकारी समते अन्य लोग शामिल रहे. सामूहिक तौर पर टैंकर खरीद का फैसला लिया गया. जो वाटर टैंकर खरीदे गए उनकी क्वॉलिटी काफी बढ़िया है. वे आज भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
 

 

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