नई दिल्ली. थाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रयुत चान-ओ-चा तीन के भारत दौरे पर पहुंच गए हैं.  थाई पीएम के भारत दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर बात होगी. थाइलैंड ब्रह्ममोस मिसाइल खरीदना चाहता है जिसके लिए वो पीएम नरेंद्र मोदी को मनाने की कोशिश कर सकता है.
 
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थाई पीएम के साथ उनकी पत्नी नारापोर्न चान-ओ-चा, एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और 46 सदस्यीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है. प्रतिनिधिमंडल में कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं.
 
प्रयुत थाईलैंड का प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए हैं. नई दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रयुत की अगुवाई की. 
 
साउथ चाइना सी को लेकर होगी बातचीत
भारत और थाईलैंड के बीच साउथ चाइना सी को लेकर बातचीत होती है तो इस पर पूर्वी एशिया के अन्य देशों के साथ चीन की भी निगाहें होंगी. थाईलैंड इस बेहद चर्चित समुद्री हिस्से में चीन की गतिविधियों से काफी परेशान है. इस बारे में वह सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जता चुका है. 
 
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ब्रह्मोस को खरीदना चाहता है थाईलैंड
सूत्रों का कहना है कि थाईलैंड ने भारत से मध्यम दूरी की मारक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस खरीदने की इच्छा जताई है. हाल ही में भारत मिसाइल तकनीकी हस्तांतरण से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संधि एमटीसीआर का सदस्य बना है और अब वह दूसरे देशों को ब्रह्माोस जैसे मिसाइल बेच सकता है.
 
थाईलैंड के साथ इस बारे में होने वाली बातचीत काफी अहम होगी. थाईलैंड के अलावा पूर्वी एशिया के विएतनाम और इंडोनेशिया भी इसके संभावित खरीदारों में शामिल हैं. थाईलैंड पहले ही भारत से रक्षा उपकरणों के निर्माण में सहयोग मांग चुका है. 

 

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