मथुरा. यूपी के मथुरा में उपद्रवियों द्वारा भड़काई हिंसा पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी जाविद अहमद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि इस घटना में 22 उपद्रवी समेत दो पुलिस अधिकारी सिटी एसपी मुकुल द्विवेदी व एसएचओ संतोष यादव की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने अपनी झोपड़ियों में गोला-बारूद और गैस के सिलेंडर रखे हुए थे. उपद्रवियों ने भागते समय उन सब में आग लगा दी. जिससे उन झोपड़ियों में बिस्फोट हुए. इसकी आवाज दूर-दूर तक मथुरा वालों ने सुनी और ऐसा लगता है कि इन झोपड़ियों में जो बिस्फोट हुआ उसमें कुछ लोग चोटिल भी हुए और कुछ लोग मारे भी गए. शाम तक पूरे इलाके को खाली करा लिया गया और अब जवाहर बाग पूरी तरह साफ हो चुका है. उपद्रवियों को भगाया जा चुका है. 
 
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डीजीपी जाविद अहमद ने ये भी बताया कि ये लोग जब से रह रहे थे तो मथुरा के लोगों को काफी परेशान कर रहे थे. जब वो वहां से भाग रहे थे तो मथुरा की जनता ने पुलिस का सहयोग करते हुए उपद्रवियों को पकड़ने में मदद की. पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ने के चक्कर में हल्का बल का प्रयोग भी किया है जिससे उपद्रवियों को चोटें भी आई हैं. 
 
उन्होंने कहा कि 11 उपद्रवी खुद के द्वारा लगायी गयी आग में झुलसकर मरे हैं. उन्होंने कहा कि 23 पुलिसवाले जख्मी हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. कुछ को सिर में चोटें लगी हैं, जबकि कुछ को गंभीर चोटें लगी हैं. मरे हुए उपद्रवियों में एक महिला है बाकी पुरुष हैं. 
 
उन्होंने कहा कि 45 कट्टे और छह राइफलें बरामद की गई हैं. साथ ही 15 गाड़ी और छह मोटरसाइकिलें भी जब्त की गयी हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसके वाहन हैं. डीजीपी ने कहा कि अबतक इस मामले में 124 लोगों की गिरफ्तारी हुई हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वालों का सरगना रामवृक्ष यादव पर एनएसए लगाने की तैयारी की जा रही है.

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