नई दिल्ली. महिला पर एसिड अटैक बर्बर और अमानवीय हरकत ये टिप्पणी दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 साल कि लड़की पर एसिड फेंकने के मामले में दो दोषियों को 10 साल कि सज़ा सुनाते हुए कही. यह फैसला होटल डांसर की अर्जी पर आया है.
 
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हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जो तथ्य और परिस्थितियां हैं उसके तहत पांच साल कैद की सजा को बढ़ाकर 10 साल की जाती है. इतना ही नहीं अदालत ने दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी से कहा है कि वह विक्टिम को विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम के तहत मुआवजा दें.
 
अदालत ने कहा कि विक्टिम एक यंग लड़की थी जिसका खुबसूरत चेहरा था लेकिन एक ही झटके में आरोपियों ने उसके चेहरे को खराब कर दिया और विक्टिम की आंखें भी खराब हो गई और वह ब्लाइंड हो गई. लड़की शारीरिक और मानसिक तौर पर ट्रॉमा में चलगी गई. वह अब सड़कों पर नहीं चल सकती. वह अपने घर में ही कैद होकर रह गई.
 
हाईकोर्ट ने कहा कि साउथ दिल्ली के होटल में डांसर रही महिला सिर्फ 25 साल की थी जब उस पर एसिड से अटैक किया गया. यह अटैक द्वेष में हुआ था. पुलिस के मुताबिक विक्टिम होटल में डांसर थी. उसकी सहयोगी सिमरन द्वेष करती थी. उसने एसिड से जलाने की धमकी भी दी थी.
 
क्या है मामला?
19 दिसंबर 2004 को जब विक्टिम अपने घर से काम पर निकली तभी सिमरन के भाई राजू ने उस पर एसिड फेंका इस कारण उसकी आखें चली गई और चेहरा बुरी तरह से खराब हो गया. पुलिस ने सिमरन और राजू के खिलाफ आईपीसी की धारा-307 (हत्या का प्रयास), जानलेवा जख्म देने का केस दर्ज किया. 
 
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आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. दोनों को ट्रायल कोर्ट ने पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई थी इस फैसले के बाद विक्टिम ने इनकी सजा बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट में अपील की थी. इन्हें निचली अदालत ने 2011 में सजा सुनाई थी.

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