पटना. बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने अपने काफिले पर हुए हमले के लिए एक स्थानीय बीजेपी नेता को जिम्मेदार ठहराया है. मांझी ने कहा है कि बीजेपी नेता रोशन मांझी ने ही उन्हें बार-बार फोन करके घटना के दिन डुमरिया बुलाया था. उन्होंने कहा कि डुमरिया में तीन राजनेताओं की तिकड़ी ने उनपर हमले की साजिश रची.
 
बीजेपी नेता रोशन इसी तिकड़ी के सदस्य हैं. दो बच्चों की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों को सांत्वना देने के बुधवार को डुमरिया के कठार पहुंचे मांझी ने बताया कि रोशन मांझी 2010 में राजद के टिकट पर इमामगंज विधानसभा से चुनाव लड़े थे. उनकी तिकड़ी का एक सदस्य दोआठ हत्याकांड में नामजद है. दूसरे ने मुझे डुमरिया बुलाया। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. 
 
इस दौरान उन्होंने गया की एसएसपी गरिमा मलिक की सूझबूझ के लिए लिए शेरनी कहा. उन्होंने कहा कि एसएसपी ने बहादुरी से मेरे काफिले को उपद्रवियों से बचाने की कोशिश की, जबकि दूसरे पुलिसकर्मी सुस्त थे. पूर्व सीएम का कहना है कि डुमरिया में उनके काफिले पर हुआ हमला लोगों की स्वाभाविक प्रतक्रिया नहीं थी, बल्कि यह एक साजिश थी. जैसा दिवंगत पूर्व सांसद राजेश कुमार के साथ डुमरिया में 2005 में हुआ था, उन्हें कुछ लोगों ने बुलाकर ही मरवाया था, वही हाल मेरा होने वाला था. 
 
बता दें कि 26 मई को डुमरिया में उपद्रवियों ने मांझी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके वाहन पर पथराव किया और काफिले की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था. इस हमले में मांझी बाल-बाल बच गए थे. हमला तब हुआ जब दोआठ गांव में मारे गए दो राजनीतिक कार्यकर्ताओं के शवों के साथ ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे.

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