नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को तय करेगा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के फैसले पर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई कब होगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 19 पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई हैं. केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश वर्जित था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश के बाद खत्म कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर 800 साल पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया है. हालाकि, कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक 10 साल से 50 साल की उम्र की एक भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नेशनल अयप्‍पा डिवोटी एसोसिएशन समेत कई अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई हैं. इस मामले पर त्वरित सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया था. बुधवार को सबरीमाला मंदिर के कपाट खुल गए हैं जो आज बंद हो जाएंगे. ऐसे में केरल में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 800 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने का अधिकार किसी को भी नहीं है. प्रदर्शनकारी मंदिर की तरफ जाने वाली महिलाओं को भी रास्ते में ही रोक रहे हैं. पंबा और सन्निधाम के आसपास के इलाके में भारी पुलिसबल तैनात है. लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हैं.

सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले आज छठा दिन है. इस दौरान करीब 12 महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया. प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल हैं. उनका कहना है कि परंपरा को तोड़ा नहीं जा सकता. आज रात मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे. मंदिर के कपाट खुलने से पहले से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर जमा थे और आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रहे थे.

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