लखनऊ. केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने देश में दालों की बढ़ती कीमत पर कुछ इस अंदाज में सफाई दी. पासवान ने कहा कि दो साल में बारिश की कमी और कम आयात की वजह से दाल की कीमतें बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि दालों के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने आम आदमी को इससे निजात दिलाने के लिए नई योजना तैयार कर ली है.  
 
दालों का बफर स्टॉक 
पासवान ने बताया कि दालों को संरक्षित रखने के लिए बफर स्टॉक भी बनाया जा रहा है. केंद्र ने राज्यों को 66 रुपए किलो अरहर और 82 रुपए किलो उड़द की दाल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. जिसे राज्य इसे अधिकतम 120 रुपए किलो तक बेच सकेंगे. 
 
‘कम बारिश के चलते फसल बर्बाद’
पासवान ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा पिछले दो साल में हुई कम बारिश के चलते काफी फसल बर्बाद हुए है. दूसरा, दाल का आयात कम किया गया. उन्होंने बताया कि पिछले साल जहां देश में दाल का कुल उत्पादन 171 लाख टन हुआ था, वहीं मांग 226 लाख टन थी. इस बार यह खपत 236 लाख टन होने का अनुमान है.
 
महंगाई पर नियंत्रण है: पासवान
इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दावा करते हुए कहा कि देश में महंगाई पर नियंत्रण है. यही कारण है कि प्याज की कीमत 10 रुपए किलो तक है, हालांकि इससे किसानों को ज्यादा फायदा नहीं हो पा रहा है.
 
गैर बीजेपी राज्य सरकारों पर निशाना
पासवान ने उत्तरप्रदेश और बिहार समेत अन्य गैर बीजेपी शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकारें महंगाई कम करने को लेकर अपनी ओर से कोई पहल नहीं करना चाहती. उन्होंने कहा कि यूपी के बुंदेलखंड में हालात बेहद खराब है. यहां केंद्र की ओर से बराबर मदद दी जा रही है, लेकिन ये तो राज्य सरकार का काम है कि यह मदद ईमानदारी से आम जनता तक पहुंचाए. इसके लिए राज्य सरकार को और बेहतर प्रयास करना होगा.
 

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