चंडीगढ़: हरियाणा में जाट आंदोलन को लेकर रविवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि हम पांच जून से जाट न्याय रैली करेंगे. मलिक ने कहा कि पिछले आंदोलन की तरह देश और प्रदेश की शांति भंग हो, इसके लिए इस बार शहरों से दूर यह धरने और प्रदर्शन किए जाएंगे. सरकार ने 22 फरवरी को समाज की जो मांगों का पूरा करने का वादा किया था, वह आज तक पूरा नहीं किया गया है. 
 
मलिक ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा. साथ ही आंदोलन के दौरान मारे गए या घायल हुए लोगों को मुआवजा भी दिया जाएगा. राज्य सरकार ने भी ये वादे पूरे नहीं किए. इस वजह से जाट न्याय रैली की शुरुआत की जाएगी. जाट नेता ने कहा कि हमारी तैयारी शांतिपूर्ण आंदोलन की है. 
 
मलिक ने कहा कि अगर पुलिस ने हिंसा के जरिए हमें रोकने की कोशिश की, तो आंदोलनकारी अपने हिसाब से काम करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे. मलिक ने कहा कि 22 फरवरी को जब जाट आरक्षण आंदोलन समाप्त होते ही सरकार की उनके साथ बैठक हुई थी तो सरकार ने इस आंदोलन में मारे गए युवकों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की बात कही थी.
 
सरकार ने यह भी कहा था कि इस आंदोलन की आड़ में किसी को भी जेल में नहीं डाला जाएगा, लेकिन आंदोलन समाप्त होते ही सरकार ने निर्दोष युवकों को जेल में डालना शुरू कर दिया. 

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