नई दिल्ली. कॉमन मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बीच मामले पर सरकार एक अध्यादेश लाई जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर चुनोती दी गई है. जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट याचिका पर 26 मई को सुनवाई करेगा.
 
क्या कहा गया है याचिका में?
व्यापम घोटाले को कोर्ट में पहुंचाने वाले डॉक्टर आनंद राय और मेडिकल के छात्र संजीव शुक्ला ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नीट अध्यादेश को चुनौती दी है.
 
दाखिल याचिका में सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश को गैरकानूनी बताते हुए निरस्त करने का आग्रह किया गया है. साथ ही कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से नीट पर लाया गया अध्यादेश जनहित में नहीं है. 
 
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए नीट को हरी झंडी दी थी उसे फिर बढ़ावा मिलेगा. याचिका में यह भी कहा गया है कि नीट अध्यादेश जल्दबाजी में लाया गया है. इसके पीछे सरकार की मंशा ठीक नहीं है. अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने के लिए लाया गया है.
 
क्या है मामला ?
कोर्ट ने आदेश दिया था कि देश के सभी निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए एक कॉमन टेस्‍ट यानी नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) इसी वर्ष से लागू होगा.
 
इसके बाद राज्य के बोर्ड अलग से कोई परीक्षा नहीं आयोजित कर सकेंगे. इस फैसले को एक साल तक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश लाया था, जिसे मंगलवार को राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई थी. संकल्प ट्रस्ट इसी अध्यादेश का विरोध कर रहा है.