लखनऊ. बिहार में शराबबंदी सफलतापूर्वक लागू करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की वकालत की. उधर, सत्ताधारी सपा ने नीतीश पर आरोप लगाया कि वह उत्तर प्रदेश के बारे में नकारात्मक टिप्पणी कर सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत कर रहे हैं. नीतीश एक दिन के लखनऊ प्रवास पर थे.
 
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगता है नीतीश शराबबंदी को बड़ा हथियार बनाने की तैयारी में हैं. तभी उन्होंने राज्य सरकार से शराब प्रतिबंधित करने की मांग की. नीतीश कुमार ने यूपी के सीएम अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि “घबराइये नहीं अखिलेश जी, पूर्णतया शराबबंदी लागू कीजिए.” बिहार में शराबबंदी सफलतापूर्वक लागू करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की वकालत की।
 
नीतीश की टिप्पणी पर सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि जिस ढंग से नीतीश उत्तर प्रदेश को निशाना बना रहे हैं. यहां अकसर आ जा रहे हैं। सपा के खिलाफ उनकी टिप्पणी सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत करेगी, जिनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश अब एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की श्रेणी में आ गए हैं, जो राज्य की जनता को गुमराह करने के लिए अकसर उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं.
 
चौधरी ने कहा कि नीतीश प्रतिबंध की बात करते हैं लेकिन विकास के बारे में वह एक भी शब्द नहीं बोला. इससे पहले नीतीश ने यहां किसान मंच के एक कार्यक्रम में कहा कि घबराइये नहीं अखिलेश जी. पूर्णतया शराबबंदी लागू कीजिए. उन्होंने बताया कि जब बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी तो पीने वालों को तीन चार दिन काफी परेशानी हुई लेकिन उसके बाद सब शांत और शुद्ध हो गए.
 
 
 
 

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