नई दिल्ली. अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने मोदी सरकार के काम पर बात करते हुए कहा है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास रहा है. नजमा ने केंद्र में मोदी सरकार के दो साल पूरा होने पर इंडिया न्यूज़ को दिए अपने इंटरव्यू में यह बात कही है. उन्होंने कहा कि सरकार जब से सत्ता में आई है तब से ही विकास के कामों पर ध्यान दिया जा रहा है. सरकार ने कभी भी मुस्लमानों के साथ गलत नहीं किया है, हमेशा उनकी रक्षा की है.
 
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा चुनाव के दौरान हुई चुनावी रैली को याद करते हुए कहा है कि मोदी जी ने हमेशा ही हर धर्म के लोगों को बराबर समझा है. उन्होंने कहा, ‘पटना की रैली में मोदी जी ने जनता से कहा था कि आपकी लड़ाई एक दूसरे से नहीं है, गरीबी से है. मोदी सरकार ने हमेशा ही अल्पसंख्यकों के विकास के लिए काम किया है’.
 
नजमा ने मोदी सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए किए गए कामों पर बात करते हुए कहा कि सरकार की वजह से ही मदरसे के बच्चों को स्किल डेवलपमेंट ट्रैनिंग दी जा रही है. सरकार के कामों की वजह से ही मदरसों के लिए वर्ल्ड बैंक से 15 मिलियन डॉलर लोन मिला है. यूपीए ने मदरसे के बच्चों के लिए कुछ नहीं किया था.
 
अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर कहा है कि यह मामला अभी कोर्ट में है और कोर्ट ही इस मामले पर फैसला करेगा. उन्होंने कहा, ‘सरकार के लिए सभी यूनिवर्सिटी एक समान है, और वह सबको पैसा देती है, जामिया को भी और एएमयू को भी’.
 
मुस्लिमों में तलाक देने की बात पर नजमा ने अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा कि केवल तीन बार तलाक कह कर तलाक लेना सही नहीं है. महिलाओं की इज्जत की जानी चाहिए. कुरान में भी महिलाओं के हक और इज्जत की बात कही गई है. उन्होंने कहा, ‘तीन बार तलाक कह देने से किसी महिला को तकलीफ होती है, यह अच्छी बात नहीं है. किसी मजहब में औरत के हक के बारे में नहीं लिखा है, केवल कुरान में लिखा है कि औरत को बाप की प्रॉपर्टी में हिस्सा दिया जा सकता है. जब खुदा हक देता है तो किसी को गलत करने का अधिकार नहीं है. बिना वजह गुस्से में तलाक दे देना सही नहीं है’.

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