नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर दायर पुनर्विचार याचिकाएं खारिज हो गई हैं. अयोध्या राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले पर 9 नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कुल मुस्लिम पक्ष समेत अन्य पक्षों की ओर से कुल 18 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इन पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 9 नवंबर को अयोध्या जमीन विवाद मामले पर फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन को राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया. वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही अलग से 5 एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया था. हालांकि मुस्लिम पक्ष के कुछ पक्षकार इस फैसले से नाराज दिखे और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला लिया. 

मुस्लिम पक्ष समेत अन्य अलग-अलग लोगों और संस्थाओं की तरफ से 9 नवंबर वाले फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुल 18 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गईं. शीर्ष अदालत ने इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई की जाए या नहीं, इस पर 12 दिसंबर को विचार करने का निर्णय लिया. 

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने अयोध्या केस में दायर सभी 18 पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी. इस पीठ में अयोध्या मामले पर फैसला सुनाने वाले पांच में से 4 जस्टिस और एक अन्य जज शामिल रहे. चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना ने पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया. पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने के कारण जस्टिस संजीव खन्ना ने इस मामले पर विचार किया. 

अयोध्या फैसले के खिलाफ इन्होंने की दायर की थी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाएं-

1- मुहम्मद सिद्दीक

2- फारुक अहमद

3- मौलाना मुफ्ती हसबुल्ला

4- मिस्बाहुद्दीन

5- हाजी महबूब अहमद

6- मौलाना महफूजुर्रहमान

7- हाजी असद अहमद

8- अखिल भारत हिन्दू महासभा

9- शिया सेन्ट्रल बोर्ड

10- डॉक्टर मुहम्मद अयूब

11- तहरीक फरूक ए इस्लाम

12- सम्राट प्रियदर्शी यूथ फाउन्डेशन ऑफ इंडिया

13- इंडियन नेशनल लीग

14- प्रभात पटनायक

15- अब्दुल अनीस अंसारी

16- सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया

17- डालचंद कपिल

18- अंबरीश कुमार

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