नई दिल्ली. मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा खुलासा किया है. एनआईए ने दावा किया है कि दाऊद ने मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ बड़े पैमाने पर साजिश रची थी.

एनआईए ने कहना है कि दाऊद के निशाने पर न सिर्फ धार्मिक और आरएसएस के नेता थे, बल्कि वह चर्चों पर हमला करने की भी योजना बना चुका था. उसके साथी देश भर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहते थे.

पिछले साल गुजरात में दो नेताओं शिरीष बंगाली और प्राग्नेश मिस्त्री का मर्डर भी इसी साजिश का हिस्सा था. एनआईए ने दावा किया है कि दाऊद के गुर्गों ने ये हत्या मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की फांसी का बदला लेने के मकसद से की थी. जांच एजेंसी आने वाले शनिवार को इस मामले में 10 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट फाइल करेगी. 
 
मीडिया में आई रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि साल 2014 में जब मोदी सत्ता में आए थे, तब ही से दाऊद ने साजिश रच ली थी. 
 
एनआईए ने बताया है कि दाऊद के पाकिस्तान में रहने वाले सदस्य जावेद चिकना और साउथ अफ्रिका मूल के जाहिद मियां उर्फ जाओ ने हिंदू नेता, धर्म गुरुओं की हत्या और चर्च पर हमले की साजिश रची थी, ताकि देश में सांप्रदायिक तनाव फैल जाए.

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