नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दूध में मिलावट के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि यह मुद्दा शासन के अंतर्गत आता है. कोर्ट ने कहा है कि इस विषय पर कानून तो बना है लेकिन कानून लागू नहीं किया गया है. शासन अपना काम नहीं कर रहा है तो इस मामले में कोर्ट कुछ नहीं कर सकता.
 
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी असमर्थता बताते हुए कहा कि कोर्ट के पास हर समस्या का समाधान नहीं है. कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अगर कानून लागू करने वाले लोग ही अपना काम ठीक तरह से नहीं कर रहे हैं तो ऐसे में क्या कोर्ट को उनका काम करना होगा? कोर्ट ने कहा है कि हर किसी का काम बंटा हुआ है. 
 
बता दें कि दायर की गई जनहित याचिका में कानून को और भी ज्यादा सख्त करने की मांग की गई थी.

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