देहरादून. उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग को बुझाने के लिए राष्ट्रीय आपदा बल(एनडीआरएफ) की तीन टीमों को भेजा गया है. आग से 13 जिलों के जंगल चपेट में आ चुके हैं और अब तक 6 लोगों की जलकर मौत भी हो चुकी है. राज्य ने सभी वन कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है.

सभी 13 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. एनडीआरएफ की टीमों ने कई इलोकों में आग पर काबू भी पा लिया है, लेकिन अभी भी कुछ हिस्सों में आग अपना कहर बरपा रही है.
 
एनडीआरएफ की टीमें पानी के टैंकरों, अस्थायी पंप और चिकित्सा सेटअप से लैस हैं. दिल्ली से 2, जबकि देहरादून से 1 एनडीआरएफ की पहुंची है. आग ने 1900 हेक्टेयर भूमि को नष्ट कर दिया है.
 
गर्मी की वजह से लगती है आग
रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल और मई में पारा चढ़ जाता है और जमीन पर सूखी पत्तियों में आग लग जाती है. जो कि एक भीषण आग का कारण बन जाती है.
 
गर्मी से झुलस रहा है दक्षिण भारत भी
गर्मी और लू की वजह से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस साल अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है. दक्षिण भारत के इन दोनों राज्यों में पिछले साल दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत लू की वजह से हुई थी. वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है. महाराष्ट्र के नासिक जिले में गर्मी की वजह से प्रसिद्ध रामकुंड सूख गया है.
 
तेलंगाना में प्रदेश के डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट का कहना है कि गर्मी की वजह से मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 66 है, जबकि आंध्र प्रदेश में लू से 45 लोग मौत हो चुकी है. 

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