नई दिल्ली. जेएनयू छात्र संघ ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई मामले पर देशव्यापी अभियान करने की धमकी दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने कहा है कि उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासन का फैसला अस्वीकार्य है और उच्च स्तरीय जांच समिति की जांच बस ‘हास्यास्पद’ है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कार्रवाई की गई तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा.
 
बता दें कि जेएनयू ने नौ फरवरी के विवादास्पद कार्यक्रम के सिलसिले में कन्हैया कुमार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. जबकि पीएचडी स्कॉलर उमर और अनिर्बान को अलग-अलग अवधियों के लिए निष्कासित कर दिया गया है.
 
कन्हैया का ट्वीट
वहीं इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि हास्यास्पद जांच के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई अस्वीकार्य है और संघ इसे खारिज करता है. कन्हैया कुमार ने ट्वीट किया कि जेएनयूएसयू हास्यास्पद समिति के आधार पर प्रशासन द्वारा दंड दिए जाने को खारिज करता है. इसके अलावा कन्हैया ने अपने ट्वीट में एक फोटो पोस्ट के जरिए आरएसएस पर भी निशाना साधा है.
क्या है पूरा मामला
9 फरवरी  को लगे भारत विरोधी नारे के मामले में जेएनयू की जांच कमेटी ने 21 छात्रों को दोषी पाया था. सभी ने प्रॉक्टर को लिखित में अपना जबाव दिया था. अपनी रिपोर्ट में प्रॉक्टर ने वाइस चांसलर (वीसी) को लिखा था कि तीन छात्रों को निकाल दिया जाना चाहिए. जबकि बाकी के छात्रों से फाइन लिया जाए. इस मामले पर आखिरी फैसला वीसी को करना था.
 

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