नई दिल्ली. हरियाणा पंजाब के बीच चल रहे जल विवाद में दिल्ली ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि झगड़ा पंजाब और हरियाणा के बीच में है.
 
इस मसले पर दिल्ली को कोई टिप्पणी नहीं करनी.  दिल्ली सरकार ने कहा कि समझोते के तहत जो दिल्ली को पानी का हिस्सा दिया गया है वो उसको मिलना चाहिए. साथ ही दिल्ली के पानी का हक संरक्षित किया जाए.
 
दिल्ली सरकार ने कहा 8 अप्रैल को वकील सुरेश चंद्र त्रिपाठी ने सरकार से निर्देश लिए बगैर सुप्रीम कोर्ट में जवाबी दाखिल किया था. सरकार उस लिखित जवाब को वापस लेना चाहती है और इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखेगी.
 

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