नई दिल्ली. ट्राई की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि ट्राई का काम टेलीकॉम कंपनी और उपभोक्ताओं के बीच बैलेंस बनाना है. उन्होंने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों का राजस्व बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और उसकी तुलना में निवेश नहीं हो रहा है.
 
रोहतगी ने चीन जैसे देशों से तुलना करते हुए कहा, ‘भारत में टेलीकॉम सेक्टर का निवेश चीन जैसे देशों की तुलना में काफी कम है’. उपभोक्ताओं के बारे में बात करते हुए कहा, ‘हम उपभोक्ताओं को उनके हक के लिए आवाज दे रहे हैं’.
 
टेलीकॉम कंपनियों के आकड़ों पर बात करते हुए कहा कि मोबाइल टावरों की कमी और सीलिंग टेलीकॉम कंपनियों का बहाना हैं. टेलीकॉम कंपनियां गलत आकड़ा देरही हैं कि रोजाना 150 करोड़ कॉल ड्रॉप होती हैं तो रोजाना इतना ही हर्जाना देना होगा. उन्होंने कहा, ‘800 करोड़ कॉल हर साल ड्रॉप होती हैं और अगर हर्जाना लगता है तो राशि बहुत ज्यादा नहीं होगी’.
 
रोहतगी ने कहा कि देश में 50 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं. जिसमें 96 फीसदी प्री पेड वाले हैं और 4 फीसदी पोस्ट पेड हैं. देश में औसतन रिचार्ज 10 रुपये का होता है और अगर ऐसे लोगों का कॉल ड्रॉप हो तो उनका बडा नुक्सान होता है.
 
बता दें कि कॉल ड्रॉप मामले में सुप्रीम कोर्ट टेलीकॉम कंपनियो की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
 

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