नई दिल्ली. नेशनल इन्वेस्टीगेश एजेंसी (NIA) ने नकली नोटों के रैकेट पर बड़ा खुलासा किया है. एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि  भारतीय बाजार में 400 करोड़ रुपए के जाली नोट चल रहे हैं. हर साल देश के दुश्मन करीब 70 करोड़ के जाली नोट भारत में भेज रहे हैं. पाकिस्तान में छपने वाले जाली नोट बंगलादेश और नेपाल के रास्ते भारत पहुंचते हैं. पिछले एक साल में 30 करोड़ जाली नोट जब्त किए गए हैं. बाकी के 40 करोड़ भारतीय बाजार में पहुचने में सफल हुए हैं.  
 
जाली नोटो के कारोबार
एनआईए ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान भारत की अर्थव्यस्था को बर्बाद करने के लिए यह गेम खेल रहा है. पाकिस्तान में छापे 100 रुपये के नकली नोट 20 रुपये की दर से बांग्लादेश पहुचता है और वहां से भारत पहुचने में प्रति 100 रुपये के जाली नोट की कीमत 28 रुपये होती है.
 
अर्थव्यवस्था को तबाह करने में जुटे चीन-पाक
ये खुलासा तब हुआ जब जांच एजेंसियों ने पिछले तीन महीने में एक दो नहीं पूरे 65 कंसाइनमेंट भारत में पकड़े जिनके तार इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े थे, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर चीन ऐसी नापाक हरकत क्यों कर रहा है. असल में इसके पीछे बड़ी वजह है एशिया में हिंदुस्तान का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरना.
 
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी कहा था कि अगले साल भारत की अर्थव्यवस्था चीन से पूरे एक प्रतिशत आगे रहेगी इसीलिए जला भुना बैठा चीन अब नकली नोटों के रैकेट के जरिए भारत के खिलाफ साज़िश में लगा है लेकिन पाकिस्तान का असली मकसद है भारत में आतंकियों की फंडिंग करना.

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