नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि पिता चाहे तो संपत्ति अपनी शादीशुदा बेटी को भी दे सकता है. कोर्ट ने कहा है कि पत्नी और बेटे के रहते हुए भी पिता अपनी शादी शुदा बेटी को भी अपनी पूरी संपत्ति सौंप सकता है.
 
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला पश्चिम बंगाल के एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया है. जहां वेस्ट कॉआपरेटिव सोसायटी ने पिता की मृत्यु के बाद घर का मालिकाना हक शादीशुदा बेटी के नाम करने से मना कर दिया था. 
 
जानकारी है कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले बिस्वा रंजन सेनगुप्ता अपने आखिरी दिनों में अपनी शादीशुदा बेटी के पास थे. उनकी पत्नी और बेटे ने उनकी अच्छे से देखभाल नहीं की थी. लेकिन उनकी मृत्यु के बाद बेटे और पत्नी ने उनकी संपत्ति पर हक जताने की कोशिश की जिसके बाद बेटी इंद्राणी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चली गई. कोर्ट ने संपत्ति का हकदार बेटे और पत्नी को बताया. इस निर्णय के खिलाफ इंद्राणी ने मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर किया. जहां कोर्ट ने फैसला शादीशुदा इंद्राणी के हक में सुनाया. 
 
कोर्ट ने फैसला सुनाया की पिता अगर चाहे तो पत्नी और बेटे के रहते हुए भी संपत्ति अपनी शादीशुदा बेटी के नाम भी कर सकता है.

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