नई दिल्ली. एक संसदीय समिति ने उपभोक्ताओं के अधिकारों  पर विचार करते हुए एक अहम फैसला लिया है. समिति ने किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी को जवाबदेह बनाने के लिए सख्त सिफारिशें की हैं. प्रचारकों को कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में शामिल करने की सिफारिश की गई है. जिसके बाद किसी भी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर को सोच समझ कर कॉन्ट्रेक्ट साइन करना होगा. क्योंकी अगर टीवी और अखबारों में उनके विज्ञापनों पर किए गए दावे गलत साबित हुए तो उन्हें जेल भी हो सकती है. 
 
संसदीय समिति ने यह सिफारिशें तब की हैं जब आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एंबेसडर महेंद्र सिंह धोनी समेत अन्य कई कंपनियों के एंबेसडर्स  भी कंपनियों की धोखाधड़ी से सवालों के घेरे में हैं. समिति के मुताबिक अगर जाने पहचाने चेहरों पर भरोसा करके लोग ठगे जाते हैं तो कंपनी के साथ साथ एम्बेसडर्स भी इसके गुनहगार होंगे. गलत प्रचार के लिए उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है. 
 
बता दें कि यह सारा मामला तब सामने आया जब आम्रपाली बिल्डर्स की लेट लतीफी से परेशान लोगों ने धोनी से बिल्डर के वादे पूरा ना करने की शिकायत की तो धोनी फौरन हरकत में आए. उन्होंने बिल्डर को दो टूक शब्दों में कहा कि वो अपने वादे पूरा करें.

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