पटना. लोकजनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने समृद्ध दलितों से स्वेच्छा से आरक्षण छोड़ने की अपील की है. चिराग पासवान ने कहा है कि समृद्ध दलित स्वेच्छता पूर्वक उसी प्रकार से आरक्षण छोड़ दें, जिस प्रकार से संपन्न लोग गैस सब्सिडी का त्याग कर रहे हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में पहली बार बिहार से सांसद चुने गए चिराग पासवान ने यह भी कहा कि आरक्षण नहीं लेने का फैसला स्वेहच्छार से होना चाहिए, जोर-जबर्दस्तीन से नहीं. 
 
अन्य लोगों को मिलेंगे बेहतर अवसर: चिराग
चिराग पासवान ने कहा कि मेरे विचार में आर्थिक तौर पर जिन लोगों की पृष्ठकभूमि समृद्ध हैं, उन्हेंन आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए. ऐसा करने पर समुदाय के अन्यो लोगों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे. चिराग ने यह भी कहा कि मैं जातिवाद से रहित समाज की उम्मीकद करता हूं. यह मेरा लक्ष्यन है. उन्होंने कहा कि मैं बिहार से आता हूं, जहां राजनीति पर जातिगत समीकरण हावी रहते हैं. इस लक्ष्या को हासिल करने में यूपी और बिहार की अहम भूमिका रहेगी.
 
मायावती पर निशाना
इसके अलावा चिराग पासवान ने दलित नेता और यूपी की पूर्व सीएम मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब उनके पास पूरी पावर थी. अगर वह चाहतीं तो वह उस वर्ग के लिए काफी कुछ कर सकती थीं, जहां से वह आती हैं. लेकिन उन्हों ने मूर्तियां बनाने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. 
 
 
चिराग की अपील को कांग्रेस का समर्थन
चिराग पासवान के दिए बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिधंवी ने कहा कि किसी के हाथ से यह अधिकार नहीं छिना जा सकता. लेकिन अगर स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ पाने वाले समृद्ध लोग इसका त्याग करते है, तो इसका लाभ योग्य लाभार्थियों को मिल सकेगा.

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