नई दिल्ली. एनआईटी श्रीनगर में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होता नहीं दिख रहा है. खबर है कि छात्रों के समर्थन में 12 राज्यों के 150 छात्रों का एक दल दिल्ली से श्रीनगर के लिए रवाना हुआ है. इस छात्रों के हाथ में तिरंगा झंडा देखा गया है साथ ही वे नारेबाजी भी कर रहे हैं.
 

इस बीच मामले को शांत करने के लिए जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने छात्रों के प्रतिनिधि से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना. इस बैठक में शिक्षा मंत्री नदीम अख्तर, मानव संसाधन मंत्रालय के तीन सदस्यों की टीम, एनआईटी के निदेशक, सिविल सेवा के अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे. लेकिन बैठक से काई हल नहीं निकला क्योंकि छात्र एनआईटी को घाटी से बाहर स्थित करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
 
इससे पहले एनआईटी विवाद को लेकर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार शाम एक स्थानीय समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि कि एनआईटी की घटना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. मुफ्ती ने ये भी कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी को भी इस पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है.
 
क्या बोले निर्मल सिंह
उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि बैठक में छात्रों की सभी मांगों को मान लिया गया है लेकिन संस्थान को घाटी से बाहर नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग थी कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले स्थानीय पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिसे मान लिया गया है और इस मामले की न्यायायिक जांच कराई जाएगी.

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