नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप पर लगा है. दिल्ली कोर्ट ने इस मामले को सज्ञान में लिया है. पीएम मोदी पर आरोप है कि पिछले साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अमेरिकी यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था. साथ ही शिकायतकर्ता से तिरंगे के अपमान का सबूत पेश करने को कहा है.
 
PM के खिलाफ सबूत पेश करने को कहा
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया ने कहा, ‘मैं इस शिकायत पर संज्ञान लेती हूं.’ साथ ही उन्होंने शिकायतकर्ता से पीएम मोदी के खिलाफ सबूत पेश करने और बयान दर्ज कराने के लिए कहा है. पीएम मोदी के खिलाफ शिकायत करने वाले आशीष शर्मा ने कोर्ट के सामने अर्जी लगाई थी कि वो पुलिस को पीएम मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे. 
 
रुमाल के तौर पर प्रयोग किया था तिरंगा
आशीष ने अपनी शिकायत में कहा था कि पीएम ने पिछले साल इंडिया गेट पर आयोजित हुए योग दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल रुमाल के तौर पर किया था, जो सरासर इसका अपमान है. शिकायतकर्ता ने कहा, ‘उन्होंने बराक ओबामा (अमेरिकी राष्ट्रपति) को भी राष्ट्रीय ध्वज देते समय लापरवाही बरती थी, जब उन्होंने उस पर साइन किए. ये राष्ट्रीय ध्वज के कोड 2002 के खिलाफ है.’
 
क्या है फ्लैग कोड
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के तहत अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसे कपड़ा बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद हुए जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा. तिरंगे की यूनिफॉर्म बनाकर पहन लेना भी गलत है. अगर कोई शख्स कमर के नीचे तिरंगा बनाकर कोई कपड़ा पहनता हो तो यह भी तिरंगे का अपमान है. प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर ऐक्ट-1971 की धारा-2 के मुताबिक, ध्वज और संविधान के अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कानून हैं. 

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