नई दिल्ली. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने पनामा पेपर्स लीक मामले में अपना नाम आने के एक दिन बाद बयान जारी कर खुद पर लगे टैक्स धोखाधड़ी के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है.

दुनियाभर के रईसों के वित्तीय लेनदेन की पोल खोलने वाले एक करोड़ 15 लाख दस्तावेज़ लीक हो गए हैं, जिन्हें ‘पनामा पेपर्स’ कहा जा रहा है. इनमें फिल्मी सितारों और उद्योगपतियों सहित 500 भारतीयों के नाम भी शामिल हैं.

बच्चन ने बयान जारी कर कहा, ‘इंडियन एक्सप्रेस में बताई कंपनियों – सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड, लेडी शिपिंग लिमिटेड, ट्रेज़र शिपिंग लिमिटेड, में से किसी को नहीं जानता. मैं इन बताई गई कंपनियों में से किसी का भी कभी निदेशक नहीं रहा. यह संभव है कि मेरे नाम का दुरुपयोग किया गया.’

अमिताभ ने कहा कि मैंने अपने सभी टैक्स का भुगतान किया है, जिसमें विदेशों में खर्च किए गए पैसों पर टैक्स भी शामिल है. मैंने जो पैसे विदेश भेजे हैं वह कानून के अनुरूप है, इसमें वह राशि भी शामिल है जो भारतीय टैक्स का भुगतान करने के बाद धन बाहर भेजने की उदार योजना (एलआरएस) के तहत भेजी गई. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में किसी भी मामले में मेरी ओर से किसी अवैधता की बात नहीं कही गई है.

आपको बता दें कि इस मामले में अमिताभ बच्चन की बहू ऐश्वर्या राय का भी इन दस्तावेज़ों में नाम सामने आया है. हालांकि उन्होंने भी इन रिपोर्ट्स को फर्जी बताते हुए हुए तमाम आरोप खारिज किए हैं. पूर्व मिस वर्ल्ड और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के मीडिया सलाहकार ने इन दस्तावेजों को पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा करार दिया है.

प्रमुख अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार ऐश्वर्या राय देश से बाहर एक कंपनी की डायरेक्टर और शेयरहोल्डर थीं. उनके परिवार के सदस्यों की भी उसमें हिस्सेदारी थी. 2008 में इसे खत्म कर दिया गया था.

बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस दुनिया के उन 100 मीडिया संगठनों में से एक है जो दुनियाभर के रईसों के वित्तीय लेनदेन की पोल खोलने वाले मोसैक फॉन्सेका के एक करोड़ 15 लाख लीक दस्तावेज़ की जांच कर रहा है. पनामा की इस लॉ फर्म के 35 देशों में दफ्तर हैं.