लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 25 साल पहले हुए फर्जी एनकाउंटर पर कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. इस एनकाउंटर में शामिल सभी 47 पुलिकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
 
इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई में 20 दोषी पुलिसकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था जबकि 27 के मौजूद न होने पर गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था.
 
क्या है मामला?
बता दें कि 12 जुलाई 1991 को तीर्थस्थलों से यात्रियों का जत्था बस से लौट रहा था जिसमें 25 यात्री थे. इस बीच कछालाघाट पुल के पास पुलिसवालों ने बस रुकवाकर 12 यात्रियों को जबरन उतार लिया. इसके बाद तीन थानों की पुलिस टीमें 4-4 यात्रियों को अपने साथ ले गईं और अगले दिन उन्हें उग्रवादी बताते हुए एनकाउंटर में मार दिया गया.
 
इसके बाद 1995 में सीबीआई के जांच आदेश दिए गए. इस बीच 57 पुलिसवालों पर आरोप तय किए गए. लेकिन सुनवाई के दौरान 10 पुलिसवालों की मौत हो गई और अब 47 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.

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