मुंबई: महाराष्ट्र के लातूर जिले में पानी की किल्लत बढ़ने के साथ साथ लोगों को एक और नई मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है. प्रशासन ने लातूर जिले में पानी के स्त्रोतों के आसपास धारा 144 लगा दी है.
 
सूखा पीड़ित लातूर में पानी के लिए झड़प बढ़ती ही जा रही है. हालात पर काबू पाने के लिए लातूर जिले के कलेक्टर पांडुरंग पॉल ने 18 मार्च से 31 मई 2016 तक जिले में धारा 144 लगे रहने देने की घोषणा की है.
 
उन्होंने कहा है कि पानी के टैंकरों के पास एक साथ पांच से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते. पॉल ने नगर निगम के 20 बड़े टैंकरों के पास यह धारा लागू की है. लातूर में पानी की किल्लत को देखते हुए सरकारी टैंकों के पास संभावित हिंसा व विवाद की स्थिति को पैदा होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है.
 
राज्य में ऐसा यह पहला मामला है जब पानी के लिए कलेक्टर ने धारा 144 लगाने के निर्देश जारी किए हैं. 
 
हाल ही में कुछ असामाजिक तत्वों ने पानी भरने की जगह से ही टैंकरों को लूट लिया था. इसके अलावा कई बार कुओं के पास लगी भीड़ की वजह से टैंकरों में पानी भरने की दिक्कतें सामने आई. 
 
बता दें कि लातूर नगर निगम इलाके में 70 और ग्रामीण इलाकों में 200 पानी टैंकर रोजाना सात चक्कर लगा रहे हैं. फिर भी पांच लाख की आबादी के लिए पानी की जरूरी आपूर्ति की शिकायत बनी हुई है. मराठवाड़ा इलाके का सबसे ज्यादा सूखाग्रस्त इलाका लातूर है.