नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारेबाजी करने के आरोप में गिरफ्तार छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को अभी जमानत नहीं मिली है. दिल्ली के पटियाला हाऊस कोर्ट ने दोनों छात्रों की जमानत पर अभी फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च रख दी है.
 
इस बीच उमर-अनिर्बान और दिल्ली पुलिस के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट में रखी है. बता दें  कि उमर और अनिर्बान ने पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को जमानत की याचिका दी थी. कन्हैया को जमानत दिए जाने पर अपनी बात रखते हुए उमर-अनिर्बान ने भी जमानत की मांग की है.
 
क्या मामला था?
12 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राजद्रोह और आपराधिक साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. यह मामला जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रविरोधी नारेबाजी को लेकर दर्ज किया गया था. बाद में उमर और अनिर्बान ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
 
उमर-अनिर्बान ने छपवाए थे पोस्टर
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक जांच से यह बात सामने आई है कि उमर और अनिर्बान पोस्टर छपवाने और उसे वितरित करने में शामिल थे. खालिद पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है और ताप्ती हॉस्टल में रहता था जबकि अनिर्बान ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में रहता था.

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