नई दिल्ली. बैंकों के 9091 करोड़ के कर्ज में फंसे विजय माल्या के लंदन चले जाने पर आज प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या को तलब किया है. ईडी ने आईडीबीआई कर्ज धोखाधड़ी मामले में मनी लांडरिंग संबंधी जांच के संबंध में विजय माल्या को 15 दिन के भीतर अदालत पहुंचने का निर्देश दिया है.
 
माल्या के विदेश चले जाने पर भारी विवाद मचा हुआ है. अकेले आईडीबीआई से ही माल्या ने 900 करोड़ का कर्ज लिया है. इससे पहले ईडी किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व सीएफओ एन रघुनाथन को इसी मामले में तलब कर चुका है. इसके अलावा किंगफिशर एयरलाइंस और आईडीबीआई के कई कर्मचारियों को भी ईडी समन भेज चुका है और इनका आयकर रिटर्न दस्तावेज देख रहा है.
 
निदेशालय के अधिकारी ने कहा है कि हमने रघुनाथ को बुलाया था और सुबह पूछ-ताछ के लिए पेश हुए. उनसे पूछताछ महत्वपूर्ण है ताकि वित्तीय सौदों के संबंध में जानकारी मिल सके क्योंकि उनमें से कई रघुनाथन के व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र के हैं.
 
‘मैं भगोड़ा नहीं हूं’
देश के करीब 17 बैंकों को 9000 करोड़ का चूना लगाने वाले बिजनेसमैन विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा है ‘मैं भगोड़ा नहीं हूं और कानून का पालन करूंगा’. माल्या ने ट्वीट में लिखा कि वह एक अंतरराष्ट्रीय व्यापारी हैं और इस सिलसिले में भारत से दूसरे देशों को जाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं भारत से भागा नहीं और ना ही मैं कोई भगोड़ा हूं.
 
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘एक भारतीय सांसद होने के नाते मैं देश के कानून का पूरा सम्मान करता हूं और इसका पालन करूंगा.’ हमारी न्याय व्यवस्था मजबूत और आदरणीय है. लेकिन मीडिया द्वारा कोई ट्रायल नहीं’.

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