नई दिल्ली. दिल्ली में यमुना नदी के किनारे 11 फरवरी को होने वाले वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल को रद्द करने की याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल आज फैसला सुना सकता है. इस मामले की आज भी सुनवाई जारी रहेगी.

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एनजीटी में कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि यमुना किनारे इतने बड़े कार्यक्रम से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है. इससे पहले एनजीटी ने डीडीए को इस बात के लिए फटकारा था कि उसने यहां इतने बड़े कार्यक्रम की इजाजत कैसे दी.

आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस कार्यक्रम में शिरकत करने से इनकार कर दिया है. माना जा रहा है कि यह फैसला आयोजन की जगह पर लगतार उठ रहे विवाद के बाद लिया गया है.

दिल्ली में यमुना किनारे होने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में सेना से पंटून पुल बनवाने को लेकर विवाद हो गया है. अब तक सेना एक पुल बना चुकी है और दूसरा पुल बनाने का काम चल रहा है. संभावना है कि सेना तीसरा पुल भी बना सकती है.

यह महोत्सव श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से कराया जाने वाला निजी कार्यक्रम है. फिर इसके लिए सेना क्यों जुटी है, हालांकि सेना का तर्क है कि वह यह काम रक्षा मंत्रालय के आदेश पर कर रही है.

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