लखनऊ. योग गुरू बाबा रामदेव कम्पनी पतंजलि एक बार फिर विवादों में घिर गई है. एक ताजा मामले में पतंजलि के उत्पाद आंवला मुरब्बा के नमूनों को सील कर दिया गया है.

लखनऊ के कल्याणपुर के नेहरू नगर में शुक्रवार रात बूमस रिटेल पर छापेमारी में पतंजलि आयुर्वेद की तरफ से निर्मित यह मुरब्बा मिला था. इस पर निर्माण तिथि 20 अक्तूबर, 2016 और एक्सपायरी 19 अक्तूबर, 2017 लिखी हुई थी. जबकि अभी मार्च चल रहा है.

फूड सिक्योरिटी डिपार्टमैंट (एफ.एस.डी.ए.) के छापे में यह खुलासा हुआ है जिसको लेकर अधिवक्ता हेम चंद्र जोशी ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में तहरीर दी है. टीम ने टीन सैंपल को सील कर दिया है.

ड्रग एंड कॉस्मैटिक एक्ट 1940 का उल्लंघन: डी.एम

लखनऊ के डी.एम. राजशेखर ने बताया, ‘‘पतंजलि ब्रांड आंवला मुरब्बा के डिब्बे पर निर्माण तिथि 20 अक्तूबर, 2016 के साथ एक्सपायरी की तिथि 19 अक्तूबर, 2017 लिखी हुई है जो जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है.’’

उन्होंने कहा कि किसी भी आयुर्वैदिक औषधि में बैच नंबर और उत्पादन तारीख सही न लिखना या गलत जानकारी देना ड्रग एंड कॉस्मैटिक एक्ट 1940 का उल्लंघन है. यह उत्पाद पतंजलि आयुर्वेद हरिद्वार में बनता है इसलिए लाइसैंसिंग अधिकारी, निदेशक आयुर्वेद-उत्तराखंड को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है.