नई दिल्ली. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की संस्था ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के ‘विश्व सांस्कृतिक महोत्सव’ में भाग नहीं लेंगे. राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. राष्ट्रपति ने पहले 11 मार्च से शुरू होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शामिल होने पर सहमति जताई थी. उम्मीद की जा रही है कि इस कार्यक्रम में 35 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे. 
 
दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ आर्ट ऑफ लिविंग संस्था राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के मुकदमे का सामना कर रही है. आरोप है कि यह कार्यक्रम पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन कर किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि एनजीटी का इसी हफ्ते फैसला आएगा.
 
एक आकलन के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में यमुना के तट पर आयोजित होने वाले इस संगीतमय विशाल कार्यक्रम में करीब 35 लाख लोग हिस्सा लेंगे.

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