नई दिल्ली. केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी और आरएसएस के नेता अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो को इस बारे में पक्के सबूत मिले हैं और उसने इन सबूतों से गृह मंत्रालय को भी अवगत करवाया है. यही नहीं ये बात भी सामने आई है कि इस आतंकी संगठन के इरादे भारत में अपनी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने और फैलाने की हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी हाल ही में आईबी और मध्य प्रदेश की एटीएस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, ये लोग इंटरनेट के ज़रिए आईएसआईएस के यूसुफ़ अल हिंदी से संपर्क में थे. यूसुफ इन्हें इंटरनेट चैट के ज़रिए गाइड कर रहा था कि किस तरह सीनियर पुलिस अफसरों या फिर बीजेपी और आरएसएस नेताओं को अगर वे टारगेट कर पाते हैं तो संगठन के लिए वो एक बड़ी सफलता होगी. इमरान खान, रिज़वान, वसीम और अनवर कुरैशी को गिरफ्तार किया जा चुका है, ये सब रतलाम के रहने वाले हैं.

गृह मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने बताया कि इन लोगों ने पूछताछ में बताया है कि ये यूसुफ़ अल हिंदी से हिदायतें ले रहे थे कि आतंकवादी वारदात को किस तरह अंजाम दिया जाए. यूसुफ ने इन लोगों को दो पिस्टल भी दिलवा दी थी और साथ में आईईडी को कैसे इस्तेमाल करना है वो भी सीखा दिया था. जो रिपोर्ट गृह मंत्रालय पहुंची है उसके मुताबिक ये लोग स्थानीय स्तर पर मिल रहे केमिकल से आईईडी बनाने वाले थे. लेकिन जिस बात से मंत्रालय में चिंता बढ़ रही है वो ये कि किस तरह इंडियन मुजाहिदीन के रिश्ते आईएसआईएस के साथ सामने आ रहे हैं.

एक सीनियर अधिकारी ने बताया, यूसुफ जब इन लोगों से चैट करने लगा था तब वो अफगानिस्तान में ही था, लेकिन बाद में वो सीरिया चला गया. अब भी वो सीरिया में ही है और न जाने इन जैसे कितने और नौजवानों के संपर्क में है. यूसुफ इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन के कई लोगों से भी संपर्क में है. इनमें से कई पाकिस्तान में और कई अभी भारत में रह रहे हैं.

जांच में अभी कई ऐसे बिन्दु हैं, जिन्हे जोड़ा जाना बाकी भी है. जैसे जांच एजेंसियां अभी तक ये पता नहीं लगा पा रही हैं कि यूसुफ़ का असली नाम क्या है. साथ ही ये भी पता चला है कि रतलाम से गिरफ्तार इमरान पांच बार (2003-2008) विदेश जा चुका है, ‘इमरान कई बार दुबई गया और पिछले साल सऊदी अरब भी गया था’ ये सब गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट में लिखा गया है.

IANS

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