नई दिल्ली. पठानकोट हमले को लेकर पाकिस्तानी सरकार की जांच के बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि बिना पाकिस्तान की मदद के आतंकी पठानकोट एयरबेस पर हमला नहीं कर सकते थे. पर्रिकर ने यह बात राज्यसभा में शिव सेना के सांसद संजय राउत के पूछे गए सवाल के जवाब में कही. 
 
आतंकियों को राजकीय समर्थन हासिल था
पर्रिकर ने अपने जवाब में कहा कि पठानकोट वायु सेना अड्डे पर हमला करने वाले लोग गैर राजकीय (नान स्टेट एक्टर) जरूर थे. लेकिन उन्हें राजकीय समर्थन हासिल था. इसके बिना वह आसानी से काम नहीं कर सकते थे. 
 
पर्रिकर ने संकेत देते हुए यह भी कि पठानकोट वायु सैनिक अड्डे पर इस साल के शुरू में किया गया आतंकवादी हमले में निश्चित रूप से पाकिस्तान के सरकार से इतर लोग शामिल थे. 
 
सुरक्षा के कदम उठाए जा रहे हैं
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बारे में सुरक्षा समीक्षा की गई है. पर्रिकर ने बताया कि सरकार ने अन्य बातों के साथ साथ पूरे देश के विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी करने के लिए उपाय सुझाने की खातिर पूर्व उपसेना प्रमुख की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है.
 
NIA कर रही है हमले की जांच
इसके अलावा पठानकोट हमले के बारे में सदस्यों के सवालों के जवाब में पर्रीकर ने कहा कि मामले की जांच के लिए एनआइए को निर्देश दिया गया है और वह जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि पठानकोट हमले के संबंध में ही ऐसे कोई भी मुद्दे नहीं हैं जो सुरक्षा एजेंसियों की कमी दर्शाते हों. 
 
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 1 जनवरी की रात पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में सात सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. और एयरबेस में घुसे आतंकवादियों के सफाए के लिए कई दिनों तक अभियान चला था जिसमें सेना, वायु सेना के साथ साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडों ने भी हिस्सा लिया था.
 

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