मुरथल. जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में ‘गैंगरेप’ की खबर सामने आने के बाद बनाई गई तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी ने शनिवार को घटना स्थल का दौरा किया. लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लगा. पूछताछ में ग्रामीण भी रेप जैसी घटना को नकार रहे हैं. डीएसपी सतीश कुमार ने कहा है कि अभी तक उनके पास मुरथल को लेकर कोई गवाह सामने नहीं आया है.
 
जांच टीम द्वारा पूछताछ के दौरान लोगों ने बताया कि उन्होनें लड़कियों के चीखने की आवाज सुनी थी. लेकिन दुष्कर्म होते हुए नहीं देखा था. मौके पर पाए गए महिलाओँ के कपड़ों को एसआईटी ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. जांच पूरी हो के बाद समिति जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगीं. 
 
पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अगर कोई पीड़ित है तो वह सामने आए. पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 8053882004, 0130-2222903 जारी कर दिए हैं. कोई भी इस पर शिकायत कर सकता है. शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी. 
 
बता दें कि जांच टीम द्वारा पूछताछ के पहले कुछ गवाहों ने महिलाओं के साथ दुष्कर्म होने की बात का खुलासा किया था. मुरथल निवासी निरंजन सिंह ने कहा था कि 22 फरवरी को उन्होनें कुछ लोगों को महिलाओं के साथ बदतमीजी करते देखा था. निरंजन ने कहा कि, ‘हमने खुद देखा था कि कुछ लोग महिलाओं के कपड़े उतार रहे थे और उनके साथ बदतमीजी कर थे’.
 
एक अन्य व्यक्ति ने भी बताया था कि 20 और 22 फरवरी के दिन करीब 150 लोगों ने कुछ महिलाओं को जबरदस्ती करके खेतों की तरफ ले जा रहे थे और ये घटना रात में नहीं बल्की दिन में हुई थी.

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