नई दिल्ली. आम जनता की उम्मीदें सरकार के आम बजट से होती हैं. मोदी सरकार की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली 29 फरवरी को संसद में आम बजट पेश करेंगे. बजट में सरकार के मौजूदा खर्चों के साथ आगामी योजनाओं पर होने वाले खर्च की रूपरेखा तैयार करती है.

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सरकार की ये रुपरेखा और बजट तैयारी के पिछले पांच महीनों की सारी मेहनत कैद हो जाती है एक छोटे से ब्रीफकेस में. मरुन रंग का ये ब्रीफकेस कोई आम ब्रीफकेस नहीं होता. इसे वित्त मंत्री खुद अपने साथ रखते हैं. इस ब्रीफकेस में साल भर में सरकार की तरफ से किए जाने वाले खर्चो का ब्यौरा, राजस्व की लाभ-हानि और तमाम परियोजनाओं की जानकारी बंद होती है.

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इसलिए वित्त मंत्री जब बजट भाषण पढने के अपने आवास से देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था यानि कि संसद के लिए निकलते हैं, तो अपना मरून रंग का ब्रीफकेस मीडिया को दिखाते हैं. उस ब्रीफकेस की अहमियत इतनी ज्यादा इसलिए होती है क्योंकि उसके अंदर देश का सबसे गोपनीय दस्तावेज यानि देश का बजट बंद होता है.

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देश की आम जनता जानती है कि वित्त मंत्री ने अपने हाथों में जो ब्रीफकेस पकड़ा है वो देश का आर्थिक ढांचा है. वित्त मंत्री के ब्रीफकेस से ये भी साफ होता है कि सरकार की तिजोरी में जनता के लिए कितना धन है और सरकार आम जनमानस के लिए आर्थिक रुप से क्या-क्या फैसले करने वाली है. इस पर पूरे देश की निगाहें होती है.

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