नई दिल्ली. सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में लेफ्ट पार्टियों ने जेएनयू मामले पर बहस की ज़ोरदार मांग की. उनकी इस मांग को कांग्रेस समेत तमाम दूसरी विपक्षी पार्टियों का भी साथ मिला.

बैठक से बाहर निकलने के बाद सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि वह संसद में बताए कि आख़िर जेएनयू मामले से जुड़े टेप के साथ किसने छेड़छाड़ की और किसने उसे लेकर दुष्प्रचार अभियान चलाया.

येचुरी के मुताबिक़, टेप के साथ छेड़छाड़ करके ही इस मामले को खड़ा किया गया. स्थिति बिल्कुल जर्मनी में फासिज़्म के उदय के समानांतर है जहां सब कुछ बनी बनाई बातों पर आधारित होता था.

इस मौक़े पर कांग्रेस पार्टी के महासचिव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि जेएनयू और रोहित वेमूला समेत तमाम मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. पठानकोट हो या अरुणाचल का मुद्दा, तमाम अहम मुद्दों पर सरकार का रुख़ देख कर ही सरकार के साथ सहयोग किया जाएगा.

संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि जेएनयू समेत तमाद मुद्दों पर सरकार बहस को तैयार है. सरकार चाहती है कि विधायी कामों के निपटारे में विपक्षी दल सहयोग करें. जेएनयू मुद्दे पर बहस कब होगी, ये संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में तय होगा.

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